LIVEPublic of Uttarakhand  •  District-wise Citizen Newsroom
UTTARAKHAND
Latest Uttarakhand news in Hindi and EnglishCoverage from all 13 districts of UttarakhandSubmit verified local stories, photos and videosMembership applications are reviewed by the editorial teamLatest Uttarakhand news in Hindi and EnglishCoverage from all 13 districts of UttarakhandSubmit verified local stories, photos and videosMembership applications are reviewed by the editorial team
Home  /  CRIME  /  उत्तरकाशी में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन, 8 ट्र...
CRIME Verified हिंदी

उत्तरकाशी में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन, 8 ट्रेकर्स बर्फीले रास्ते में फंसे, रेस्क्यू अभियान शुरू

Uttarkashi, Uttarakhand • 17h ago • Source: Palpal India

उत्तरकाशी. उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारताल ट्रैक पर अचानक आए भीषण हिमस्खलन (एवलांच) ने पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भोजखड़क से आगे भारी हिमस्खलन और ग्लेशियर टूटने की वजह से सात ट्रेकर्स और एक सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल आठ लोग बर्फीले इलाके में फंस गए हैं. गनीमत यह रही कि दल के साथ गए चार लोग जिनमें तीन पोर्टर और एक कुक शामिल हैं- कच्ची ढांग के पास पूरी तरह सुरक्षित खोज लिए गए हैं. बर्फीले तूफान और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच फंसे बाकी आठ लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए शनिवार सुबह से युद्धस्तर पर साझा राहत व बचाव अभियान शुरू किया गया है. 27 अक्टूबर को गंगोत्री से निकला था दल, बर्फबारी से बंद हुआ रास्ता जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ का कुल 13 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री धाम से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था. पूर्व निर्धारित योजना के तहत पूरे दल की वापसी 29 अक्टूबर तक होनी थी. हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बदले मौसम, कड़ाके की बर्फबारी और रास्ते में ग्लेशियर खिसक आने के कारण पूरा ट्रेकिंग मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे दल तय समय पर बेस कैंप नहीं पहुंच सका. 30 अक्टूबर को हुआ था संपर्क, शनिवार से शुरू हुआ बड़े पैमाने पर रेस्क्यू तय समय पर वापसी न होने और संपर्क कट जाने के बाद प्रशासन ने खोजबीन के प्रयास तेज किए. 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के सैटेलाइट व फोन संपर्कों के माध्यम से दल से संक्षिप्त बातचीत हो सकी, जिसमें उन्होंने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की बात कहते हुए आपातकालीन सहायता की मांग की थी. इसके बाद शनिवार तड़के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी के विशेषज्ञ पर्वतारोहियों की संयुक्त टीमें रेस्क्यू के लिए रवाना कर दी गईं. अत्यंत दुर्गम इलाके में रेस्क्यू की चुनौती, एयरलिफ्ट करने की तैयारी केदारताल क्षेत्र समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित होने और तापमान शून्य से नीचे चले जाने के कारण पैदल बचाव दल को आगे बढऩे में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. संकरे बर्फीले रास्तों और लगातार गिरती बर्फ की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय वायुसेना या नागरिक उड्डयन विभाग के हेलीकॉप्टरों की मदद लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. मौसम साफ होते ही हवाई सर्वे कर फंसे हुए सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित एयरलिफ्ट करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.

SOURCE
Palpal India
Read Full Article →