देहरादून, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक महिला को उस वक्त नया जीवन दिया, जब उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। नेपाल मूल की यह महिला केदारघाटी में अपने पति के साथ मजदूरी करती है। शादी के करीब दस वर्ष बाद गर्भ ठहरने से परिवार में खुशियां लौटी थीं, लेकिन जांच में सामने आया कि गर्भाशय की बजाय अंडाशय में गर्भ ठहर गया है।
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